ममता बनर्जी की खुली चुनौती पर एक्शन, निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल मुख्य सचिव को सोमवार तक चार अधिकारियों पर कार्रवाई का दिया निर्देश
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और निर्वाचन आयोग के बीच चल रही राजनीतिक और प्रशासनिक खींचतान एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। ममता बनर्जी की खुली चुनौती के बाद, निर्वाचन आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव को सोमवार तक चार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

यह निर्देश ऐसे समय आया है जब राज्य में राजनीतिक माहौल पहले से ही चुनावी तैयारियों और प्रशासनिक फैसलों को लेकर गरम है।
⚡ मामला क्या है?
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल ही में एक सार्वजनिक सभा में निर्वाचन आयोग को सीधी चुनौती दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ अधिकारी पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रहे हैं और विपक्षी पार्टियों को फायदा पहुंचाने के लिए प्रशासनिक फैसलों को प्रभावित कर रहे हैं।
उनकी इस बयानबाज़ी के तुरंत बाद, निर्वाचन आयोग ने गंभीर संज्ञान लेते हुए चार अधिकारियों पर कार्रवाई के आदेश जारी किए।
📜 निर्वाचन आयोग का निर्देश
निर्वाचन आयोग ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि इन अधिकारियों के खिलाफ सोमवार तक जरूरी कार्रवाई की जाए और इसकी रिपोर्ट आयोग को भेजी जाए।
सूत्रों के अनुसार, ये चारों अधिकारी चुनावी प्रक्रिया में नियमों के उल्लंघन और लापरवाही के आरोपों में घिरे हुए हैं।
🗳️ राजनीतिक पृष्ठभूमि
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और निर्वाचन आयोग के बीच यह टकराव कोई नई बात नहीं है। 2021 विधानसभा चुनाव के दौरान भी कई बार तकरार देखने को मिली थी। उस समय ममता बनर्जी ने आयोग पर बीजेपी के इशारे पर काम करने के आरोप लगाए थे, जिसे आयोग ने खारिज किया था।
इस बार भी, ममता बनर्जी के बयान के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) और विपक्षी दलों के बीच शब्दों की जंग तेज हो गई है।
🔍 चारों अधिकारियों पर आरोप
हालांकि निर्वाचन आयोग ने आधिकारिक तौर पर नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इन अधिकारियों पर आरोप हैं:
-
चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन में लापरवाही
-
चुनावी प्रक्रिया में पक्षपातपूर्ण निर्णय
-
चुनाव के दौरान संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा प्रबंधन में कमी
🗣️ ममता बनर्जी का रुख
ममता बनर्जी ने कहा है:
“हम डरने वाले नहीं हैं। चाहे जो भी हो, हम जनता के अधिकार और लोकतंत्र की रक्षा करेंगे।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की जा रही है और इसका उद्देश्य उनकी पार्टी को चुनावी नुकसान पहुंचाना है।
📈 राजनीतिक असर
इस घटना का असर न केवल पश्चिम बंगाल की राजनीति पर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी देखने को मिल सकता है। विपक्षी दल ममता बनर्जी के समर्थन में आ सकते हैं, जबकि बीजेपी और अन्य दल निर्वाचन आयोग की कार्रवाई को निष्पक्षता का सबूत बताएंगे।
ममता बनर्जी और निर्वाचन आयोग के बीच यह नया टकराव एक बार फिर यह साबित करता है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनाव सिर्फ मतदान का नाम नहीं है, बल्कि यह सत्ता, रणनीति और प्रशासनिक फैसलों की बड़ी लड़ाई भी है।
अब सबकी नजरें सोमवार पर टिकी हैं, जब मुख्य सचिव आयोग के निर्देश के अनुसार इन चार अधिकारियों पर कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपेंगे।

MCC NEET PG Counselling Result: नीट पीजी 2025 काउंसलिंग राउंड-3 रिजल्ट mcc.nic.in पर जारी, Direct Link
कड़ाके की ठंड और 6 फीट बर्फ के बीच फंसे 20 से अधिक सेना के जवान, स्थानीय ग्रामीणों ने किया सुरक्षित रेस्क्यू।
Happy New Year 2026 Messages: नए साल पर अपनों को भेजें दिल को छू जाने वाले खास संदेश, ऐसे कहें हैप्पी न्यू ईयर
विराट कोहली, रोहित शर्मा के साथ सलूक, टेस्ट में नाकामी…BCCI ने गंभीर और अगरकर को किया तलब
कैमूर में NDA की मेगा रैली आज, दस साल बाद फिर गूंजेगी पीएम मोदी की आवाज
Khatu Shyam Ki Aarti : खाटू श्याम की आरती, ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे….
NEET UG : MBBS की सरकारी NRI सीटें अपात्र छात्रों को बांटीं, 64000 की जगह वसूले 25 लाख रुपये, हंगामा
“‘पुलिस क्या गोली खाए?’—सीएम योगी ने कानून-व्यवस्था पर रखा स्पष्ट पक्ष”
संघर्ष से सफलता तक: अख़बार बेचने वाला अमन बना इंटरनेशनल यूथ आइकॉन