पीएम मोदी ने भी फॉलो किया 10 साल पहले वाला ट्रेंड, मन की बात में बोले- 2016 में हमने…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 130वें एपिसोड के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि साल 2026 का यह पहला मन की बात है। कल 26 जनवरी को हम सभी गणतंत्र दिवस का पर्व मनाएंगे, इसी दिन हमारा संविधान लागू हुआ था। 26 जनवरी का ये दिन हमें अपने संविधान निर्माताओं को नमन करने का अवसर देता है। उन्होंने कहा, ‘आज मतदाता दिवस है और मतदाता ही लोकतंत्र की आत्मा होता है। जैसे हम जन्मदिन पर शुभकामनाएं देते हैं और उसे सेलिब्रेट करते हैं, ठीक वैसे ही जब भी कोई युवा पहली बार मतदाता बने तो पूरा मोहल्ला, गांव या फिर शहर एकजुट होकर उसका अभिनंदन करे और मिठाइयां बांटी जाएं, इससे लोगों में मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।’
पीएम मोदी ने कहा, ‘आजकल मैं सोशल मीडिया पर एक दिलचस्प ट्रेंड देख रहा हूं। लोग साल 2016 की अपनी यादें ताजा कर रहे हैं। इसी भावना के साथ, आज मैं भी अपनी एक याद आपके साथ शेयर करना चाहता हूं। दस साल पहले, जनवरी 2016 में हमने एक महत्वाकांक्षी यात्रा शुरू की थी। तब हमें इस बात का एहसास था कि भले ही ये एक छोटा क्यों ना हो लेकिन ये युवा-पीढ़ी के लिए, देश के भविष्य के लिए काफी अहम है। आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम बन गया है। ये स्टार्ट-अप लीक से हटकर हैं। वे ऐसे सेक्टर्स में काम कर रहे हैं जिनके बारे में 10 साल पहले सोचना भी मुश्किल था।’
मन की बात में पीएम मोदी ने कहा, ‘AI, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन, बायोटेक्नोलॉजी आप नाम लीजिए और कोई न कोई भारतीय स्टार्ट-अप उस सेक्टर में काम करते हुए दिख जाएगा। मैं अपने उन सभी युवा-साथियों को सलाम करता हूं जो किसी-न-किसी स्टार्ट-अप से जुड़े हैं या फिर अपना स्टार्ट-अप शुरू करना चाहते हैं।’ उन्होंने कहा कि तमसा नदी को लोगों ने नया जीवन दिया है। तमसा केवल एक नदी नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत की सजीव धारा है। अयोध्या से निकलकर गंगा में समाहित होने वाली यह नदी कभी इस क्षेत्र के लोगों के जन-जीवन की धुरी हुआ करती थी लेकिन प्रदूषण की वजह से इसकी अविरल धारा में रुकावट आने लगी थी। यहां के लोगों ने इसे एक नया जीवन देने का अभियान शुरु किया। नदी की सफाई की गई, उसके किनारों पर पेड़ लगाए गए।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आज के युवाओं ने भक्ति को अपने अनुभव और अपनी जीवन-शैली में ढाल दिया है। इसी सोच से एक नया सांस्कृतिक चलन उभरकर सामने आया है। देश के अलग-अलग शहरों में बड़ी संख्या में युवा इकट्ठा हो रहे हैं। मंच सजा होता है, रोशनी होती है, संगीत होता है और माहौल किसी कॉन्सर्ट से जरा भी कम नहीं होता है।’ उन्होंने कहा कि आज हमारी संस्कृति और त्योहार दुनिया भर में अपनी पहचान बना रहे हैं, दुनिया के हर कोने में भारत के त्योहार बड़े उत्साह और उल्लास के साथ मनाए जाते हैं, हर तरह की सांस्कृतिक जीवंतता को बनाए रखने में हमारे भारतवंशी भाई-बहनों का अहम योगदान है।

NEET UG : MBBS की सरकारी NRI सीटें अपात्र छात्रों को बांटीं, 64000 की जगह वसूले 25 लाख रुपये, हंगामा
“‘पुलिस क्या गोली खाए?’—सीएम योगी ने कानून-व्यवस्था पर रखा स्पष्ट पक्ष”
संघर्ष से सफलता तक: अख़बार बेचने वाला अमन बना इंटरनेशनल यूथ आइकॉन
नाम बना पहचान: उरमुरा किरार से हरिनगर, जब गांव की किस्मत बदली
India US Trade Deal Live: ट्रंप ने ट्वीट कर ट्रेड डील की पहले क्यों दी जानकारी?
Patna Weather Today: धूप खिलेगी पर ठंड से निजात नहीं, आज 2 फरवरी को पटना का मौसम कैसा रहेगा?
MCC NEET PG Counselling Result: नीट पीजी 2025 काउंसलिंग राउंड-3 रिजल्ट mcc.nic.in पर जारी, Direct Link