कोरोना वैक्सीन नहीं, इस वजह से युवाओं में बढ़ रही है अचानक हार्ट अटैक से मौत, डॉक्टर ने बताई सच्चाई
हार्ट संबंधी बीमारियां आज तेजी से बढ़ी रही हैं। सबसे ज्यादा शॉकिंग है कि इसकी चपेट में ज्यादातर यंग लोग आने लगे हैं। आय दिन सोशल मीडिया पर कोई ना कोई वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक हेल्दी युवा की अचानक हार्ट अटैक से मौत हो जाती है। ऐसे मामले पिछले कुछ सालों से ही देखने को मिल रहे हैं। ऐसे में एक अफवाह ये भी उड़ रही है कि ये कोविड वैक्सीन की वजह से हो रहा है। खैर, ये तो एक कोरी अफवाह है लेकिन फिर असल कारण भला क्या है? डॉक्टर विशाल गबाले ने एक पोस्ट के जरिए इन्हीं कारणों पर चर्चा की है। आइए जानते हैं कि डॉक्टर के मुताबिक अचानक बढ़ते दिल के मामलों के पीछे आखिर वजह क्या है।

छिपी हुई दिल की बीमारी
डॉक्टर विशाल कहते हैं कि अचानक हार्ट अटैक से हो रही मौतों के पीछे छिपी हुई दिल की बीमारी भी एक कारण है। ऐसे 40 प्रतिशत पेशेंट पूरी तरह हेल्दी नजर आते हैं, जिनमें किसी भी तरह के कोई लक्षण नहीं नजर आते। हालांकि इन सभी की रिपोर्ट में दिल की बीमारियां कॉमन आती हैं, जैसे हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी, ARVD और लॉन्ग QT सिंड्रोम। डॉक्टर कहते हैं कि रेगुलर हेल्थ चेकअप में भी कई बार ये बीमारियां पकड़ में नहीं आती हैं। हालांकि आपको फिर भी रेगुलर हेल्थ चेकअप कराते रहना चाहिए और अगर आपकी फैमिली हिस्ट्री में किसी यंग पर्सन को हार्ट अटैक हुआ है, तो जीन टेस्ट भी जरूर होना चाहिए।
फिजिकल एक्टिविटीज का अभाव
हमारा लाइफस्टाइल काफी हद तक सभी बीमारियों से जुड़ा होता है। डॉक्टर विशाल कहते हैं कि अगर आप पतले हैं, हेल्दी हैं लेकिन रोजाना 6 घंटे से ज्यादा समय बैठकर बिताते हैं, तो हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ जाता है। ज्यादातर भारतीय यही गलती कर रहे हैं, जिस वजह से डायबिटीज और हार्ट के मरीज काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। डॉक्टर सलाह देते हैं कि रोजाना लगभग 30 से 40 मिनट की वॉक जरूर करें। कोशिश करें कि दिन में 8 हजार से 10 हजार कदम चलने का गोल बनाएं।
क्या जिम जाने से नहीं होगा खतरा?
कई लोगों को लगता है कि अगर वो जिम जाते हैं, फिटनेस का पूरा ध्यान रखते हैं, तो उन्हें हार्ट डिजीज होने का खतरा नहीं होता। हालांकि इसपर डॉक्टर विशाल कहते हैं कि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। अगर आप जिम जाते हुए एनाबॉलिक स्टेरॉइड्स, फैट बर्नर या कोई भी अनरेगुलेटेड सप्लीमेंट ले रहे हैं, तो आप नहीं जानते की ये आपकी बॉडी में क्या नुकसान कर रहे हैं। इसलिए हमेशा अपने डॉक्टर या न्यूट्रीशनिस्ट की सलाह पर ही कोई सप्लीमेंट लेने की सोचें।
इन मामलों में जरूरी है जांच
डॉक्टर विशाल कहते हैं कि सिर्फ आपका लाइफस्टाइल ही नहीं, बल्कि कई मामलों में जेनेटिक फैक्टर भी इसके पीछे जिम्मेदार हो सकते हैं। ऐसे में कुछ स्थितियों में आपको जरूर टेस्ट करा लेना चाहिए। जैसे- अगर आपकी फैमिली हिस्ट्री में किसी की हार्ट अटैक से अचानक मौत हुई है, 40 की उम्र से पहले आपको दिल की बीमारी है, यंग एज में ही आपका कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ रहने लगा है या फिर आपको बेहोशी, चक्कर जैसी समस्याएं बनी रहती हैं।

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