8 घंटे काम और 540 रुपये मजदूरी, जेल में कैसे कटेंगे प्रज्वल रेवन्ना के दिन; खाने में क्या मिलेगा
यह मामला 48 वर्षीय उस महिला से जुड़ा है, जो हासन जिले के होलेनरसीपुरा में स्थित रेवन्ना परिवार के गन्निकाडा फार्महाउस में सहायिका के रूप में काम करती थी। वर्ष 2021 में उसके साथ दो बार बलात्कार किया गया था।

हसन से पूर्व लोकसभा सांसद प्रज्वल रेवन्ना बलात्कार मामले में जेल की सलाखों के पीछे हैं। उनकी नई पहचान अब कैदी नंबर 15528 के रूप में है। वह बेंगलुरु केंद्रीय कारागार की एक कोठरी में कैद है। यहां रेवन्ना की मासिक मजदूरी अधिकतम 540 रुपये होगी। जाहिर तौर पर यह उनकी पहले की 1.2 लाख रुपये मासिक बेसिक सैलरी और विभिन्न भत्तों से बहुत कम है। हफ्ते में छह दिन 8 घंटे काम करने वाले दोषियों को यह मजूदरी मिलती है।
रिपोर्ट के अनुसार, हाई-प्रोफाइल रेप केस में दोषी ठहराए गए प्रज्वल रेवन्ना को अभी तक कोई काम सौंपा नहीं गया है। उनके पास यह तय करने का वक्त है कि वे जेल में अपना समय कैसे बिताएंगे। सीनियर जेल अधिकारी के हवाले से कहा गया कि नए दोषी आमतौर पर बेकरी में सहायता या कपड़े सिलने जैसे काम करते हैं। जेल नियमों के अनुसार, रेवन्ना को हर हफ्ते 10-10 मिनट की दो फोन कॉल और परिवार या दोस्तों से आमने-सामने की मुलाकात की इजाजत होगी।
जेल में खाने का मेनू
जेल में दोषियों का दिन सुबह 6:30 बजे शुरू होता है। उन्हें नाश्ता परोसा जाता है, जिसमें तय रोटेशन वाला मेनू होता है। जेल के नाश्ते में रविवार को वेजिटेरियन पुलाव, सोमवार को टमाटर भात, मंगलवार को चित्रान्ना, बुधवार को पोहा, गुरुवार को पुलियोगरे, शुक्रवार को उपमा और शनिवार को वांगी भात दिया जाता है। दोपहर और रात के खाने में चपाती, रागी बॉल्स, सांभर, सादा चावल और छाछ शामिल हैं। समय-समय पर नॉन-वेज भी परोसा जाता है। कैदियों को शाम 6:30 बजे तक अपनी बैरक में लौटना होता है।
क्या है पूरा मामला
प्रज्वल रेवन्ना को शनिवार को शेष जीवन तक कारावास में रहने की सजा सुनाई गई और कुल 11.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। अदालत ने निर्देश दिया कि 11.25 लाख रुपये रेवन्ना के परिवार की घरेलू सहायिका व पीड़िता को दिए जाएं। अदालत ने रेवन्ना को यौन शोषण और बलात्कार के चार मामलों में से एक में दोषी ठहराया। सांसदों/विधायकों की विशेष अदालत के न्यायाधीश संतोष गजानन भट ने शुक्रवार को रेवन्ना को दोषी ठहराने के बाद शनिवार को फैसला सुनाया। यह मामला 48 वर्षीय उस महिला से जुड़ा है, जो हासन जिले के होलेनरसीपुरा में स्थित रेवन्ना परिवार के गन्निकाडा फार्महाउस में सहायिका के रूप में काम करती थी। वर्ष 2021 में उसके साथ दो बार बलात्कार किया गया था और आरोपी ने इस कृत्य को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया था।

यात्रियों को बड़ा झटका! IndiGo बंद करने जा रही इस रूट की सभी उड़ानें…वजह चौंका देगी
यूपी में प्रभारी मंत्रियों के एरिया में फेरबदल, योगी कैबिनेट के नए मंत्रियों को मिले अहम जिले
80% टूट गया था टाटा का यह शेयर, अब 4 महीने में करीब 100% की तूफानी तेजी
क्या समुच RBI ने बेच दिया 12 अरब डॉलर का सोना, सरकार ने बताई सच्चाई
ममता बनर्जी अपनी ही बनाई पार्टी से होंगी बेदखल, बागियों का TMC छीनने का प्लान
Merritronix IPO पर दांव लगाने को आतुर दिखे निवेशक, पहले दिन 15 गुना सब्सक्रिप्शन, GMP में भी उछाल