सीजफायर की बात बेकार; ईरान का बड़ा ऐलान- रक्षा करेंगे और देंगे करारा जवाब
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने युद्धविराम की किसी भी संभावना से इनकार कर दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने स्पष्ट कहा कि जब तक देश पर हमले जारी रहेंगे, तेहरान पूरी तरह अपनी रक्षा और दुश्मनों के खिलाफ करारा जवाबी हमला करने पर केंद्रित रहेगा। स्टूडेंट न्यूज नेटवर्क से बात करते हुए बगाई ने कहा कि रक्षा और दुश्मनों के खिलाफ मजबूत जवाबी कार्रवाई के अलावा किसी अन्य मुद्दे पर बात करने का कोई अर्थ नहीं है।
इस दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान उन ठिकानों को निशाना बनाना जारी रखेगा, जिनका इस्तेमाल हमलावर ताकतों द्वारा किया जा रहा है, लेकिन पड़ोसी मुस्लिम देशों के साथ किसी टकराव से बचेगा। बगाई ने तुर्की, अजरबैजान और साइप्रस पर हुए कथित हमलों के आरोपों का भी खंडन किया। उन्होंने दावा किया कि ये घटनाएं ‘झूठे हमले’ हैं, जिनका मकसद ईरान को फंसाना और क्षेत्र में तनाव बढ़ाना है। उन्होंने दोहराया कि ईरान के मुस्लिम पड़ोसियों से कोई युद्ध नहीं है और तेहरान का अभियान केवल शत्रुतापूर्ण ताकतों के ठिकानों तक सीमित है। ये कार्रवाइयां ईरान के आत्मरक्षा के वैध अधिकार का हिस्सा हैं।
गौरतलब है कि ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने शनिवार को सरकारी टेलीविजन पर दिए भाषण में पड़ोसी देशों पर हुए हालिया हमलों के लिए माफी मांगी। उन्होंने कहा कि तेहरान पड़ोसी देशों पर तब तक हमला नहीं करेगा, जब तक कि उनके क्षेत्र से ईरान पर हमला न किया जाए। पेजेश्कियन ने कहा कि मैं अपनी ओर से और ईरान की ओर से उन पड़ोसी देशों से माफी मांगता हूं, जिन पर ईरान ने हमला किया। उन्होंने आगे बताया कि अंतरिम नेतृत्व परिषद ने फैसला किया है कि अब पड़ोसी देशों पर कोई हमला या मिसाइल दागी नहीं जाएगी, सिवाय इसके कि ईरान पर हमला उन्हीं देशों से हो।
बगाई ने अमेरिका पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि वाशिंगटन ईरान के तेल संसाधनों को निशाना बना रहा है तथा देश को कमजोर कर संभावित रूप से खंडित करने की कोशिश कर रहा है। उनका उद्देश्य ईरान की स्थिरता को कमजोर करना है। यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में संघर्ष अपने दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और खाड़ी क्षेत्र तथा आसपास मिसाइल-ड्रोन हमलों का सिलसिला जारी है। ईरान बार-बार कह चुका है कि उसकी सैन्य कार्रवाइयां विरोधियों के हमलों के जवाब में प्रतिशोधात्मक हैं।

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