ईरान में मलबे में दबे यूरेनियम का क्या हुआ, परमाणु हथियार बनाने के सामान पर ट्रंप की नजर
ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर के बाद एक बार फिर यूरेनियम की चर्चा जोर पकड़ रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि यूरेनियम का पूरा ध्यान रखा जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा है कि वह बगैर इसके ‘समझौता नहीं करते।’ कहा जा रहा है कि अमेरिका की तरफ से बीते साल किए गए ऑपरेशन के बाद 400 किलोग्राम से ज्यादा यूरेनियम मलबे में दबा हुआ है।
एएफपी से बातचीत में ट्रंप ने यूरेनियम से जुड़े सवाल पर कहा, ‘इसका पूरी तरह से ध्यान रखा जाएगा, नहीं तो मैं समझौता ही नहीं करता।’ अमेरिकी राष्ट्रपति से पूछा गया था कि एनरिच्ड या शुद्ध किए हुए यूरेनियम का अब क्या होगा। उन्होंने अमेरिका की ‘100 फीसदी जीत’ का दावा किया है।
ईरान की तरफ से भी सीजफायर की 10 शर्तें अमेरिका के सामने रखी गईं हैं। इनमें यूरेनियम का भी जिक्र किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक शर्त है, यूरेनियम संवर्धन की अनुमति देना। खास बात है कि ट्रंप का कहना है कि ईरान की तरफ से मिले बिंदुओं के आधार पर बात की जाएगी। उन्होंने बताया कि वह इन बिंदुओं को लेकर सीजफायर पर सहमत हुए हैं।
ईरान का मानना है कि अपने पायलटों को बचाने की आड़ में अमेरिका की कोशिश दरअसल ईरानी यूरेनियम चुराने की एक साजिश हो सकती है, जो पूरी तरह विफल रही। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को ईरानी टेलीविजन चैनल ‘एसएनएन’ पर प्रसारित बयान में कहा, ‘इस तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि यह संवर्धित यूरेनियम चुराने के इरादे से की गई ‘छल कपट से भरी चाल’ हो सकती है।’
ईरान में एक ‘एफ-15ई स्ट्राइक ईगल’ सुपरसोनिक लड़ाकू-बमवर्षक विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद अमेरिका ने बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान शुरू किया था।
खास बात है कि ईरान की तरफ से फारसी में जारी 10 सूत्री संघर्षविराम योजना में उसके परमाणु कार्यक्रम का जिक्र किया गया है, लेकिन यह वाक्यांश अंग्रेजी दस्तावेजों में नहीं था, जो ईरानी राजनयिकों ने पत्रकारों के साथ साझा किया।
IAEA यानी अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख राफेल ग्रोसी ने अल जजीरा से बातचीत में अनुमान लगाया था कि यह मात्रा 10 से ज्यादा परमाणु बम बनाने के लिए काफी है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के पास इस समय लगभग 440 किलोग्राम यूरेनियम है, जिसे 60 प्रतिशत तक शुद्ध या एनरिच किया गया है। अब खास बात है कि परमाणु हथियार बनाने के लिए यूरेनियम का 90 प्रतिशत एनरिच होना जरूरी है और ईरान के पास पहले ही 60 फीसदी यूरेनियम है।
मीडिया रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका के लिए ईरान का 400 किलो से ज्यादा यूरेनियम हासिल करना एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि इसका 60 प्रतिशत हिस्सा पिछले साल हुए हमलों के बाद इस्फहान और नतांज के मलबे में दबा हुआ है। इस मिशन को पूरा करने के लिए अमेरिकी सेना को न केवल हजारों सैनिकों के साथ बड़े पैमाने पर खुदाई करनी होगी, बल्कि परमाणु तत्वों की सुरक्षित निकासी के लिए विशेषज्ञों की टीम और कार्गो विमानों के लिए नए रनवे भी तैयार करने होंगे।

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