इस अवसर पर भारत और जापान के गहरे सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंधों पर भी चर्चा हुई। विशेष रूप से बौद्ध विरासत और बौद्ध पर्यटन सर्किट के माध्यम से दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क को और मजबूत करने की संभावनाओं पर विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश और यामानाशी प्रान्त के बीच यह सहयोग आने वाले समय में और सशक्त होगा तथा ग्रीन एनर्जी, औद्योगिक विकास, नवाचार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्रों में दीर्घकालिक साझेदारी को नई दिशा देगा।