बिहार आते ही ‘सफाई अभियान’ चलाएंगे तेजस्वी यादव? आरजेडी में क्या-क्या हो सकते हैं बदलाव
लगभग एक महीने राजनीतिक गलियारों से दूर रहने के बाद बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव विदेश यात्रा से लौट आए हैं। वे फिलहाल दिल्ली में हैं, आगामी दिनों में उनके पटना आने की संभावना है। तेजस्वी के विदेश यात्रा से लौटते ही सूबे में सियासी सुगबुगाहट तेज हो गई है। चर्चा है कि बिहार आते ही तेजस्वी अपनी पार्टी में ‘सफाई अभियान’ चलाएंगे। इसके तहत, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भितरघात करने वाले आरजेडी नेताओं पर ऐक्शन होगा। साथ ही पार्टी में कई संगठनात्मक बदलाव भी देखने को मिल सकते हैं।
बिहार चुनाव में मिली करारी हार के बाद से ही तेजस्वी, उनका परिवार और उनकी पार्टी संकट से जूझ रही है। बिहार विधानसभा में आरजेडी विधायकों की संख्या 25 तक सिमट कर रह गई। चुनावी हार के बाद लालू परिवार के अंदर भी घमासान मच गया। बहन रोहिणी आचार्या ने तेजस्वी, उनके सहयोगी संजय यादव और रमीज खान पर बदसलूकी के आरोप लगाकर भाई से नाता तोड़ दिया। बड़े भाई तेज प्रताप यादव पहले ही परिवार से बेदखल हैं।
तेजस्वी यादव के बिहार आते ही आरजेडी में भितरघातियों पर ऐक्शन होने की चर्चा है। बिहार चुनाव में हार के बाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल के अलावा अब्दुलबारी सिद्दीकी, भोला यादव जैसे सीनियर नेताओं ने विधानसभावार समीक्षा की थी। इसमें चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों ने पार्टी के उन स्थानीय नेताओं के नाम प्रदेश नेतृत्व को सौंपे, जिन्होंने आरजेडी या महागठबंधन के खिलाफ काम किया। इसका खामियाजा चुनाव नतीजों में पार्टी को भुगतना पड़ा।
पूर्व में मिली जानकारी के अनुसार, आरजेडी ने भितरघात करने वाले ऐसे 300 से 400 नेताओं के नामों की सूची तैयार की है। यह लिस्ट शीर्ष नेतृत्व को सौंप दी गई है। अब तेजस्वी इस पर ऐक्शन ले सकते हैं। भितरघात करने वाले नेताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी है। उनसे उचित स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर पार्टी से बाहर का रास्ता भी दिखाया जा सकता है।
विधानसभा चुनाव में करारी हार झेलने के बाद आरजेडी में संगठनात्मक बदलाव की चर्चा भी चल रही है। तेजस्वी यादव के पटना लौटने के बाद इस पर विचार किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि चुनावी हार के बाद पार्टी में निष्क्रिय पदाधिकारियों को हटाया जा सकता है। उनकी जगह नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है। इस साल बिहार में पंचायत चुनाव भी होने वाले हैं। उस पर भी तेजस्वी की निगाहें टिकी रहेंगी।
न्यूज 18 ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल की कु्र्सी पर संकट मंडरा रहा है। उनकी जगह किसी मजबूत चेहरे को बिहार में आरजेडी की कमान सौंपी जा सकती है। हालांकि, पार्टी की ओर से आधिकारिक तौर पर अभी ऐसा कुछ नहीं कहा गया है। पिछले साल जून महीने में मंगनीलाल को आरजेडी का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। उन्होंने जगदानंद सिंह की जगह ली थी। हालांकि, मंगनीलाल के नेतृत्व में बिहार चुनाव में आरजेडी को बुरी हार झेलनी पड़ी।

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