बिहार में माइक्रो फाइनेंस कंपनियों पर शिकंजा, सभी की होगी जांच; SP को फरमान जारी
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में तीन बच्चियों को फांसी देने के बाद पिता के भी मौत को गले लगाने की हृदयविदारक घटना के बाद पुलिस मुख्यालय ने राज्य भर में माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की जांच कराने का फैसला लिया है। सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को निर्देश दिया गया है कि वे गैर कानूनी तरीके से चल रहे माइक्रो फाइनेंस कंपनियों को चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई करें।
पुलिस मुख्यालय में मंगलवार को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने सभी जिलों के एसपी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बैठक की। बैठक में उन्होंने पुलिस अधीक्षकों को कहा कि कुकुरमुत्ते की तरह उग आई फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करें। उन्होंने मुजफ्फरपुर के सकरा थाना क्षेत्र के रूपनपट्टी मथुरापुर पंचायत अंतर्गत नवलपुर मिश्रौलिया गांव में सोमवार को एक पिता द्वारा अपनी तीन बेटियों के साथ फांसी लगाकर आत्महत्या करने के मामले को बेहद गंभीर बताया।
मृतकों की पहचान पिता अमरनाथ राम (36-37 वर्ष), बेटी अनुराधा कुमारी (11-12 वर्ष), शिवानी कुमारी (करीब 10 साल) और राधिका कुमारी (करीब 7-8 वर्ष) के रूप में की गई है। अमरनाथ राम ने अपने दो बेटों शिवम (6 साल) और चंदन (करीब 4 साल) को भी फांसी लगा दी थी, लेकिन ये दोनों बच गए।
डीजीपी ने बताया कि घर में घटना के पूर्व रात में बच्चों के साथ अंडा के सेवन की जानकारी मिली है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, अमरनाथ राम आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। उसकी पत्नी की एक साल पहले मृत्यु हो चुकी है। उस पर आर्थिक रूप से दबाव बनाए जाने की जांच की जा रही है।

Gen Z को विवेकानंद और कलाम जैसा देखना चाहते हैं, कॉकरोच वाली बात पर धीरेंद्र शास्त्री
योगी सरकार Gen-Z को जल्द देगी खुशखबरी, साढ़े 3 महीने में बंपर भर्ती; 1 लाख नौकरी देने की तैयारी
JPNIC की कमाई परिवार तक पहुंचाने की थी साजिश, योगी का अखिलेश पर हमला; बोले-जनता दल जैसा होगा सपा हाल
तमिलनाडु के सीएम विजय का सेंट्रल जेल में सरप्राइज विजिट, कैदियों से बातचीत कर लिया फीडबैक
उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बाद हाई अलर्ट, सभी सरकारी डॉक्टरों की छुट्टियां रद
रामलला को दस हजार, कर्मचारियों को 4 करोड़ का चेक, खाते में केवल तीन रुपए, अब यह आशंका