गीजर इस्तेमाल करते समय बरतें ये जरूरी सावधानियां, वरना हो सकता है बड़ा हादसा
गीजर इस्तेमाल करना सर्दियों में हमारी जरूरत बन जाता है। सुबह उठते ही सबसे पहले हम गर्म पानी चाहते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि गीजर का गलत इस्तेमाल आपकी जान तक खतरे में डाल सकता है? हर साल कई हादसे सिर्फ इसलिए होते हैं क्योंकि लोग गीजर की बेसिक सावधानियों को नज़रअंदाज कर देते हैं, इसलिए गीजर चलाने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
सबसे पहले बात करते हैं समय सीमा की। गीजर को लगातार लंबे समय तक ऑन रखना खतरनाक हो सकता है। अगर आप इलेक्ट्रिक गीजर इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उसे 15 से 20 मिनट से ज्यादा चालू ना रखें। ज्यादा देर चालू रखने से हीटिंग एलिमेंट ओवरहीट होकर फटने तक की नौबत आ सकती है। पानी गर्म होते ही स्विच बंद कर देना सबसे अच्छा तरीका है।
गीजर की अर्थिंग और वायरिंग हमेशा सही होनी चाहिए। गलत वायरिंग या ढीले तार करंट लगने का बड़ा कारण बन सकते हैं, इसलिए तय करें कि आपका गीजर थ्री-पिन सॉकेट से जुड़ा हो और उसकी अर्थिंग ठीक से की गई हो। पुराने या जले हुए तारों का इस्तेमाल ना करें और जरूरत पड़े तो किसी इलेक्ट्रीशियन से चेक कराएं।
अगर आपके घर में पानी का प्रेशर ज्यादा है, तो गीजर में प्रेशर रेगुलेटर लगवाना जरूरी है। ज्यादा दबाव गीजर के टैंक पर असर डाल सकता है और टैंक फटने या लीकेज की संभावना बढ़ा सकता है। खासकर ऊपरी मंजिलों पर यह समस्या ज्यादा होती है, इसलिए प्रेशर रेगुलेटर सुरक्षा के लिए बहुत उपयोगी होता है।
जो लोग गैस गीजर का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें बाथरूम में वेंटिलेशन का ध्यान रखना चाहिए। गैस गीजर चलने के दौरान दरवाजा पूरी तरह बंद ना करें, जिससे एयर-फ्लो बना रहे। बंद जगह में गैस जलने से कार्बन मोनोऑक्साइड बनती है, जो बेहद जहरीली होती है और जानलेवा साबित हो सकती है। अगर कभी गैस की गंध महसूस हो तो तुरंत गीजर बंद करें और दरवाजे-खिड़कियां खोल दें।
गीजर में लगे सेफ्टी वॉल्व की जांच समय-समय पर करवाते रहना भी जरूरी है। यह वॉल्व टैंक में ज्यादा प्रेशर बनने पर पानी को बाहर निकाल देता है। अगर यह ब्लॉक हो जाए तो प्रेशर बढ़कर ब्लास्ट जैसी स्थिति पैदा कर सकता है, इसलिए हर कुछ महीनों में इसकी टेस्टिंग जरूर करवाएं।
गीजर की सर्विसिंग को लेकर भी लोग अक्सर लापरवाही करते हैं। टैंक के अंदर समय के साथ चूना या कैल्शियम जम जाता है, जिसे स्केलिंग कहते हैं। इससे बिजली की खपत बढ़ती है और पानी गर्म होने में समय लगता है। साल में कम से कम एक बार किसी प्रोफेशनल से सर्विस कराना सबसे सुरक्षित तरीका है।
पानी के तापमान पर भी ध्यान देना चाहिए। बहुत ज्यादा गर्म पानी त्वचा को जला सकता है या शॉक का खतरा बढ़ा सकता है। आइडियल टेंपरेचर 40 से 50 डिग्री सेल्सियस के बीच रखना चाहिए। साथ ही ठंडे और गर्म पानी को अचानक मिलाने से भी बचना चाहिए।
गीजर का इस्तेमाल खत्म होने के बाद स्विच ऑफ करना कभी ना भूलें। सिर्फ बटन बंद करने के बजाय प्लग से स्विच निकाल दें। अगर आप कुछ दिनों के लिए घर से बाहर जा रहे हैं, तो मेन बिजली सप्लाई भी बंद कर दें। यह आदत छोटी लगती है लेकिन बड़ी सुरक्षा देती है।

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