दुनिया ने भारत को माना, पुतिन ने गाया गुणगान, ट्रंप डील के लिए बेकरार; अब ईरान ने भी कहा थैंक्यू
भारत की तूती पूरी दुनिया में बोल रही है। जहां भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था कई देशों को प्रभावित कर रही है, वहीं कुछ देश हमारी दरियादिली के मुरीद हो रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के हालिया बयान इसकी गवाही दे रहे हैं। इस बीच अब ईरान ने भी भारत को थैंक्यू भेजा है। ईरान ने कहा है कि भारत संकट के समय ईरान के साथ खड़ा रहा है। खास बात यह है कि तीनों देशों की ओर से ये बयान कुछ ही घंटों के भीतर आए हैं।
भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने संकट के दौर में ईरान के प्रति एकजुटता और समर्थन दिखाने के लिए भारत के लोगों का दिल से आभार व्यक्त किया है। नई दिल्ली स्थित ईरान कल्चर हाउस के एक कार्यक्रम में बोलते हुए ईरानी राजदूत ने भारत के लोगों के साथ गहरी सभ्यतागत कड़ियों को भी याद किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ईरानी राजदूत मोहम्मद फथाली काफी भावुक नजर आए।
उन्होंने भारतीय नागरिकों के प्रति आभार जताते हुए कहा, “संकट के इस बेहद गंभीर दौर में, जब हम अपने बड़े नेताओं के खोने का शोक मना रहे थे, तब पूरे देश के लोग हमारे साथ खड़े रहे। वे हमारे साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हुए, गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं। भारत के लोग आगे आए और उन्होंने हमारे दुख को साझा किया। इसके लिए हम भारत के लोगों के प्रति अपना हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं।”
गौरतलब है बीते 28 फरवरी को अमेरिकी और इजरायली हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतल्लाह अली खामेनेई के मारे जाने के बाद पूरे भारत में बड़े पैमाने पर शोक जुलूस निकाले गए थे। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर के शिया समुदाय ने भी पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान ईरान की मदद के लिए एक बड़ा डोनेशन कैंपेन भी चलाया था।
इससे पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी भारत की तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है लेकिन भारत ने ऐसी सभी कोशिशों को नाकामयाब कर दिया है। पुतिन ने कुछ वैश्विक समाचार एजेंसियों के प्रमुखों के साथ बातचीत में भारत की आर्थिक वृद्धि और देश की स्वतंत्र विदेश नीति की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि रूस भारत के साथ अपने आर्थिक संबंधों का विस्तार करने के लिए संकल्पित है। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार आने वाले सालों में 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है।
पुतिन ने आगे कहा कि रूस के साथ संबंधों को सीमित करने के लिए पश्चिम देश भारत पर लगातार दबाव डाल रहे हैं। उन्होंने कहा, ”अमेरिका, रूस के साथ सहयोग के मामले में भारत पर दबाव डालने की कोशिश कर रहा है। लेकिन सभी यह समझ चुके हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी पर दबाव डालना अंतरराष्ट्रीय संबंधों और द्विपक्षीय संबंधों के लिए हानिकारक है।” पुतिन ने कहा, ”इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि यह दबाव कहां से आ रहा है। हमें इसके कोई नकारात्मक परिणाम नजर नहीं आते।” पुतिन ने कहा, ”इस स्थिति से कोई गंभीर परिणाम नहीं निकल रहे हैं। हम भारत के साथ अपने संबंधों को मजबूत कर रहे हैं और ऐसा करना जारी रखेंगे।” उन्होंने कहा, ”भारत एक महान राष्ट्र और लोकतंत्र है और रूस इसके साथ अपने संबंधों का विस्तार करना जारी रखेगा।”
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके अच्छे दोस्त हैं और उन्हें विश्वास है कि अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौता हो जाएगा। ट्रंप ने ओवल ऑफिस’ में पत्रकारों से बातचीत में कहा, ”हम समझौते तक पहुंच जाएंगे क्योंकि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र को बहुत पसंद करता हूं। वह मेरे अच्छे मित्र हैं। हमारे संबंध बहुत अच्छे हैं और हम एक समझौता करने जा रहे हैं।” बता दें कि इस सप्ताह की शुरुआत में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भारत आया था और दोनों देशों के बीच अंतरिम द्विपक्षीय समझौते पर चार दिनों तक चली बातचीत गुरुवार को खत्म हुई है।

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