टीचर ही निकला गुरूघंटाल! छात्रों के फर्जी खाते खोल साइबर ठगी की रकम मंगाई, करोड़ों की हेराफेरी
गोरखपुर में शिक्षक की ओर से ट्यूशन पढ़ने वाले छात्रों को सरकारी योजना में फायदे का झांसा देकर करोड़ों की हेराफेरी का मामला सामने आया है। आरोपी ने केवाईसी के नाम पर छात्रों से आधार व पैन कार्ड ले लिया और बिना उनकी जानकारी के खाता खुलवा दिया। फेक खातों में साइबर जालसाजी के करोड़ों रुपये का लेनदेन किया गया। एक छात्र के पास जौनपुर साइबर थाने से नोटिस आने के बाद फर्जीवाड़े की जानकारी हुई। उधर, हेराफेरी सामने आने के बाद आरोपी शिक्षक शाहरुख फरार हो गया। मामले में सीएम के आदेश पर साइबर थाने में केस दर्ज किया गया है। साइबर एक्सपर्ट मामले की जांच कर रहे हैं।
चिलुआताल थानाक्षेत्र के शिवरिया गांव निवासी सुधाकर यादव ने पुलिस को बताया कि जौनपुर साइबर थाने से नोटिस आने के बाद उसे पता चला कि इंडसइंड बैंक की सिविल लाइंस शाखा में उसके नाम से एक बैंक खाता संचालित है। इसके जरिए रुपयों का लेनदेन भी किया गया है। जबकि, उसने कभी इस बैक में खाता नहीं खुलवाया। यह भी जानकारी हुई कि इसी तरह साथ में ट्यूशन पढ़ने वाले कई छात्रों के खाते खुलवाए गए हैं और उनके असल खाते में दो-दो हजार भेजकर योजना का धन बताकर विश्वास जीता गया।
पीड़ित के अनुसार, फर्जी खाते में उसका आधार कार्ड और पैन कार्ड लगाया गया है, लेकिन पिता के नाम के स्थान पर माता का नाम दर्ज है। खाते में अंकित मोबाइल नंबर, पता और जीमेल आईडी भी उसके नहीं हैं। उसे न पासबुक मिली, न चेकबुक और न ही एटीएम कार्ड। आरोप है कि ट्यूशन टीचर तिवारीपुर के सूर्यविहार कॉलोनी निवासी मोहम्मद शाहरुख ने अगस्त 2023 में केवाईसी कराने के नाम पर कई छात्रों का आधार और पैन कार्ड लिया था। शिक्षक ने उन्हें बताया था कि केवाईसी अपडेट कराने पर प्रधानमंत्री मोदी की योजना के तहत 2000 रुपये खाते में आएंगे।
कुछ समय बाद सुधाकर के बैंक रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा के वास्तविक खाते में 2000 रुपये जमा हुए। उसने इसे सरकारी योजना का लाभ समझा। बाद में पता चला कि यह रकम किसी योजना की नहीं, बल्कि स्वयं शिक्षक द्वारा ट्रांसफर की गई थी। जानकारी के बाद उसने थानाप्रभारी से लेकर एसएसपी तक गुहार लगाई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद सुधाकर ने 11 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री जनता-दर्शन कार्यक्रम में प्रार्थनापत्र देकर उच्चस्तरीय जांच टीम गठित कर प्राथमिकी दर्ज करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साइबर थाने की पुलिस ने अब प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सुधाकर ने बताया कि जब उसने साथ पढ़ने वाले अन्य छात्रों से बात की तो पता चला कि कई छात्रों के इसी तरह के फर्जी खाते खोलने और साइबर लेनदेन का मामला सामने आया है। कई छात्रों को अलग-अलग साइबर थानों से नोटिस मिला हैं। आरोप है कि मोहम्मद शाहरुख पिछले डेढ़ वर्ष से फरार है। आरोपी के पिता की घासी कटरा चौराहे के पास फर्नीचर की दुकान है, जहां वह सुबह-शाम ट्यूशन पढ़ाता था।
सुधाकर का दावा है कि जब वह आरोपी के घर और दुकान पर पहुंचा तो उसके पिता ने 30 हजार रुपये लेकर जौनपुर का मामला निपटाने की बात कही। इस कथित बातचीत का वीडियो साक्ष्य भी पीड़ित के पास मौजूद है। हालांकि आपका अपना अखबार ‘हिन्दुस्तान’ बातचीत के वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

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