यूपी चुनाव से पहले BJP का डिजिटल ट्रेनिंग कैंपेन; हर बूथ पर 20-20 कार्यकर्ताओं की परीक्षा लेगी, रिजल्ट भी आएगा
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों को गति देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के लिए व्यापक डिजिटल प्रशिक्षण अभियान शुरू किया है। पार्टी प्रदेश के सभी बूथों पर 20-20 कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की डिजिटल परीक्षा आयोजित करा रही है। इस परीक्षा के माध्यम से न केवल कार्यकर्ताओं की वैचारिक और संगठनात्मक समझ का आकलन किया जा रहा है, बल्कि आगामी चुनावों के लिए सक्षम और प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं का चयन भी किया जाएगा। परीक्षा का परिणाम 6 जुलाई के बाद घोषित किया जाएगा।
भाजपा की इस डिजिटल परीक्षा में अधिकांश प्रश्न केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की प्रमुख उपलब्धियों, भाजपा के इतिहास, संगठन की विचारधारा और विभिन्न योजनाओं से जुड़े हैं। परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं को डिजिटल प्रशिक्षण प्रमाणपत्र (सर्टिफिकेट) प्रदान किया जाएगा। साथ ही उनकी योग्यता और प्रदर्शन के आधार पर विधानसभा चुनाव के दौरान विशेष जिम्मेदारियां भी सौंपी जा सकती हैं। प्रदेश में भाजपा का संगठनात्मक ढांचा जिलों और मंडलों तक फैला है। पार्टी का मानना है कि चुनावी सफलता की सबसे मजबूत कड़ी बूथ स्तर का संगठन होता है। इसी कारण बूथ प्रबंधन और माइक्रोमैनेजमेंट पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पार्टी लगातार विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों और अभियानों के माध्यम से कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने के साथ उन्हें चुनावी रणनीति के अनुरूप तैयार कर रही है।
डिजिटल परीक्षा ‘सरल एप’ के माध्यम से आयोजित की जा रही है, जहां बूथ स्तर के कार्यकर्ता ऑनलाइन प्रश्नों के उत्तर दे रहे हैं। इस अभियान में महिला मोर्चा, किसान मोर्चा, ओबीसी मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा, अनुसूचित जनजाति मोर्चा और युवा मोर्चा के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में हिस्सा ले रहे हैं। भाजपा का उद्देश्य हर वर्ग के प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं को संगठन की गतिविधियों से जोड़ना और चुनावी तैयारियों में उनकी प्रभावी भूमिका सुनिश्चित करना है।
आपको बता दें इससे पहले 25 जून को भाजपा ने 64 सदस्यीय नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा की थी, जिसमें छह क्षेत्रीय अध्यक्षों और छह मोर्चों को भी शामिल किया गया। नई टीम के गठन के बाद पार्टी संगठन को नए सिरे से सक्रिय करने में जुटी है। इससे पहले पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण अभियान के तहत 11 विषयों पर कार्यशालाएं आयोजित कर कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया था। अब डिजिटल परीक्षा के माध्यम से ऐसे कार्यकर्ताओं की पहचान की जा रही है, जिन्हें भविष्य में चुनावी अभियानों, संगठनात्मक कार्यक्रमों और जनसंपर्क गतिविधियों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जा सकें। भाजपा का मानना है कि प्रशिक्षित और तकनीकी रूप से दक्ष कार्यकर्ता ही बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत बनाकर चुनावी सफलता सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

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