क्या अमेरिकी दबाव में खत्म होगी MSP? राहुल गांधी के तीखे सवाल; जानिए सरकार का जवाब
लोकसभा में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और किसानों के मुद्दों पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और केंद्र सरकार के बीच एक बार फिर तीखी बहस देखने को मिली है। 10 मार्च को लोकसभा में पूछे गए लिखित सवालों के जवाब पर प्रतिक्रिया देते हुए, राहुल गांधी ने सरकार पर किसानों से किए गए वादों से मुकरने और सीधे सवालों के गोलमोल जवाब देने का आरोप लगाया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर सरकार का जवाब शेयर करते हुए कहा कि मोदी सरकार किसानों से किया वादा निभाना नहीं चाहती और अपने स्वार्थ के लिए भारतीय कृषि को कुर्बान करने को तैयार है।
राहुल गांधी ने फेसबुक पर लिखा, ‘लोकसभा में मैंने सरकार से सीधा सवाल पूछा: 2021 में किसानों से किया गया C2+50% कानूनी MSP का वादा अब तक लागू क्यों नहीं हुआ? सरकार ने जवाब देने से बचते हुए सिर्फ अपनी पुरानी MSP नीति दोहरा दी। सरकार ने यह भी स्वीकार किया कि उसने राज्यों पर MSP बोनस खत्म करने का दबाव डाला, जिसे बिना किसी तर्क के “राष्ट्रीय प्राथमिकताओं” के नाम पर सही ठहराया गया। एक और गंभीर सवाल – अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में “non-trade barriers” घटाने की बात कही गई है। क्या इसका मतलब MSP और सरकारी खरीद को कमजोर करना है? सरकार इस सवाल से भी बच रही है। मोदी सरकार किसानों से किया वादा तो निभाना नहीं चाहती, अपने स्वार्थ के लिए वो भारतीय कृषि को कुर्बान करने को भी तैयार है। हम किसानों के अधिकार और MSP की रक्षा के लिए संसद के भीतर और बाहर आवाज़ उठाते रहेंगे।’
राहुल गांधी का सवाल: क्या सरकार ने 2021 में विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों से वादा किया था कि वह सभी फसलों के लिए C2+50% की दर से विधिक (कानूनी) गारंटीकृत MSP लागू करने पर विचार करेगी? यदि नहीं, तो इसे लागू न कर पाने के क्या कारण हैं?
सरकार का जवाब: सरकार ने सीधे तौर पर 2021 के वादे या ‘कानूनी गारंटी’ का जिक्र नहीं किया। कृषि राज्य मंत्री ने बताया कि सरकार कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों के आधार पर 22 फसलों के लिए MSP निर्धारित करती है। उन्होंने 2018-19 के केंद्रीय बजट का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने उत्पादन की अखिल भारतीय भारित औसत लागत पर कम से कम 50 प्रतिशत के न्यूनतम रिटर्न (1.5 गुना) के सिद्धांत को लागू किया है।
राहुल गांधी का सवाल: क्या सरकार ने राज्य सरकारों को किसानों को MSP बोनस देने की परिपाटी बंद करने के लिए लिखा है?
सरकार का जवाब: सरकार ने इस बात को स्वीकार किया है। जवाब में बताया गया कि सचिव (व्यय) द्वारा राज्यों के मुख्य सचिवों को 9 जनवरी 2026 को एक पत्र लिखा गया था, जिसमें राज्य सरकारों को अपनी बोनस नीतियों को ‘राष्ट्रीय प्राथमिकताओं’ के अनुरूप बनाने के लिए सुझाव दिए गए थे।
राहुल गांधी का सवाल: क्या अमेरिका के साथ संयुक्त वक्तव्य में गैर-व्यापार बाधाओं (non-trade barriers) को कम करने की प्रतिबद्धता से भारत की आनुवंशिक रूप से संशोधित (GM) फसलों, MSP और सार्वजनिक खरीद नीतियों में बदलाव आएगा?
सरकार का जवाब: इस पर सरकार ने एक विस्तृत जवाब दिया जिसमें प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA), भारतीय खाद्य निगम (FCI), और नैफेड (NAFED) जैसी एजेंसियों के माध्यम से की जा रही खरीद का ब्यौरा दिया। सरकार ने बताया कि 2030-31 तक दलहन में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य है। साथ ही, पिछले तीन वर्षों (2022-23 से 2024-25) में MSP खरीद के आंकड़े पेश किए, जिसके अनुसार कुल खरीद और MSP मूल्य में वृद्धि हुई है। व्यापार समझौते वाले हिस्से पर सरकार ने केवल इतना कहा कि व्यापार संबंधी मुद्दों पर किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकार समय-समय पर उचित निर्णय लेती है।

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